उम्मीद तो हरी है .........
दौर पतझड़ का सही, उम्मीद तो हरी है
शनिवार, जुलाई 14, 2012
गाँधी के इस देश में....
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गाँधी के इस देश में-------- सुबह-सुबह पढते ही समाचार शर्म से झुक जाते हैं सिर अंधे,गूंगे,बहरे चौराहों पर भीड़ दहशत में मौन है------...
शुक्रवार, जुलाई 13, 2012
सड़क पर भटकते,घूमते....
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सड़क पर भटकते,घूमते अचानक प्यार में गिरफ्तार हो गया लोग कहते हैं-------? वो आबाद हो गया थोड़ी सी जमीन ही तो मिली थी उसे गरीब...
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शुक्रवार, जुलाई 06, 2012
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फूल कोमल क्यूँ बना सुगंध ही बता पायेगी प्यार करने के तरीकों को तितली ही बता पायेगी ............. "ज्योति...
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उम्र जलवो में बसर हो ये जरुरी तो नहीं सब पे साकी की नजर हो तो ये जरुरी तो नहीं.................
रविवार, जुलाई 01, 2012
खुश रहो कहकर चला...
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खुश रहो कहकर चला जानता हूँ उसने छला............. सूरज दोस्त था उसका तेज गर्मी से जला............... चांदनी रात भर बरसी बर्फ...
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शुक्रवार, जून 29, 2012
हालात
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मज़बूरी और मजदूरी से बदतर हुए हालात दवा दुआ का पता नहीं रोग बढ़ रहे दिन रात जीवन जीने के लिए गिरवी रखे जज्वात .........'ज्य...
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बुधवार, जून 27, 2012
संत
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संत यह बिलकुल सही है कि संतो कि वाणी सुनकर संतो का जीवन देखकर संतो का सुख देखकर साधारण आदमी भी संत बनना चाहता है ..............
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