उम्मीद तो हरी है .........
दौर पतझड़ का सही, उम्मीद तो हरी है
गुरुवार, जनवरी 17, 2013
गंगा तुम भी पवित्र हो जाओ--------
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गंगा की छाती पर भर गया महाकुंभ महाकुंभ में बस गई कई कई बस्तियां बस्तियों में जुट रही हस्तियां------ वह जो उजाड़ते आये हैं निरंतर,ल...
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गुरुवार, जनवरी 10, 2013
------गुस्सा हैं अम्मा--------
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नहीं जलाया कंडे का अलाव नहीं बनाया गक्कड़ भरता नहीं बनाये मैथी के लड्डू नहीं बनाई गुड़ की पट्टी अम्मा ने इस बार----- कड़कड़ाती ठंड में भी नही...
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बुधवार, जनवरी 09, 2013
धुंधलाई यादों से बिसर गये हैं लोग--------
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शराफत की ठंड से सिहर गये हैं लोग दुश्मनी की आंच से बिखर गये हैं लोग------ जिनके चेहरों पर धब्बों की भरमार है आईना देखते ही निखर गये हैं...
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सोमवार, जनवरी 07, 2013
ब से भारत-----ब से बाबा बाबाओं के लिये----------
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यह बिलकुल सही है कि बाबाओं की वाणी सुनकर बाबाओं का जीवन देखकर बाबाओं का सुख देखकर साधारण आदमी भी बाबा बनना चाहता है ........
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बुधवार, जनवरी 02, 2013
अनुबंधों का रूप तुम्हारा---------
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अनुबंधों का रूप तुम...
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रविवार, दिसंबर 30, 2012
कुछ और नया होना चाहिये-----
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इस धरती पर कुछ नया कुछ और नया होना चाहिये----- चाहिये अल्हड़पन सी दीवानगी जीवन का मनोहारी संगीत अपनेपन का गीत----- चाहिये सुगन्धित हवा...
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शनिवार, दिसंबर 29, 2012
दामिनी--------
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कौन कहता मर गयी दामिनी हर धड़कते दि...
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