उम्मीद तो हरी है .........

दौर पतझड़ का सही, उम्मीद तो हरी है

गुरुवार, अगस्त 21, 2014

हम बेमतलब क्यों डर रहें हैं ----

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सांप के कान नहीं होते हम बेमतलब जिरह की बीन क्यों बजाने पर तुले हैं   माना कि कर्ज की सुपारी में लपेटकर भेजी जा रही है ...
सोमवार, अगस्त 18, 2014

कृष्ण ने कल मुझसे सपने में बात की -------

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  आधुनिक काल की कंदराओं से निकलकर मेरा कब सार्वजानिक जीवन में प्रवेश हुआ होगा मुझे नहीं मालूम ----   मेरी भक्ति की...
शुक्रवार, अगस्त 15, 2014

आजादी ------ ???

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  समय की रेत पर अंधाधुंध भागते पैरों के निशान गवाह हैं कि चीरकर गुलामी को फेंफड़ों में भर दी गयी गई थी आजाद सांसें  ...
7 टिप्‍पणियां:
शुक्रवार, अगस्त 01, 2014

आवाजें सुनना पड़ेंगी -----

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                               जो कुछ भी कुदरती था                          उसकी सांसों से       ...
20 टिप्‍पणियां:
सोमवार, जुलाई 21, 2014

नदारत हो जायेगी धूप ------

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                               काले वहशी बादलों का झुंड                          रेशमी चादर में लिपटी                    ...
13 टिप्‍पणियां:
शुक्रवार, जून 20, 2014

फुरसतिया बादल ------

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                             बजा बजा कर                          ढोल नगाड़े                          फुरसतिया ब...
10 टिप्‍पणियां:
सोमवार, जून 02, 2014

जेठ मास में--------

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11 टिप्‍पणियां:
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Jyoti khare
छिंदवाडा, India
अपनी ज़मीन पर खड़ा एक साधारण आदमी.... http://www.youtube.com/c/jyotikhare
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