उम्मीद तो हरी है .........

दौर पतझड़ का सही, उम्मीद तो हरी है

गुरुवार, फ़रवरी 26, 2015

आज भी रिस रहा है -----

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 जब कभी तराशा होगा पहाड़ को दर्दनाक चीख आसमान तक तो पहुंची होगी--- आसमान तो आसमान है वह तो केवल अपनी ...
सोमवार, जनवरी 26, 2015

बसंत तुम लौट आये हो ------

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अच्छा हुआ तुम इस सर्दीले वातावरण में लौट आये हो--   सुधर गई बर्फीले प्रेम की तबियत     जमने लगीं मौसम की नंगी ...
बुधवार, जनवरी 14, 2015

अम्मा का निजि प्रेम -------

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आटे के ठोस तिली के मुलायम लड्डू मीठी नीम के तड़के से लाल मिर्च शक्कर भुरका नमकीन हींग,मैथी,र...
शनिवार, जनवरी 03, 2015

इस बरस और कई कई बरस ----

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  कई वर्षों से इकठ्ठे टुकनियां भर निवेदनों को एक ही झटके में झटककर मन के हवालात में अपराधियों की कतार में खड़ा कर दिया   ...
बुधवार, दिसंबर 17, 2014

दुनियां की सभी माओं के आंसू ----

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सीढ़ी पर बैठे बच्चे बच्चे नहीं समूची दुनियां के नयी सदी के मनुष्य थे   सीढ़ी पर बैठकर...
7 टिप्‍पणियां:
शुक्रवार, अक्टूबर 10, 2014

करवा चौथ का चाँद-------

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चाँद तो मैंने उसी दिन रख दिया था हथेली पर तुम्हारे जिस दिन मेरे आवारापन को स्वीकारा था तुमने-- सूरज से चमकते गालों पर पपड़ाए होंठों प...
बुधवार, अक्टूबर 08, 2014

शरद का चाँद -------

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  ख़ामोशी तोड़ो सजधज के बाहर निकलो उसी नुक्कड़ पर मिलो जहाँ कभी बोऐ थे हमने शरद पूर्णिमा के दिन आँखों से रिश्ते -...
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Jyoti khare
छिंदवाडा, India
अपनी ज़मीन पर खड़ा एक साधारण आदमी.... http://www.youtube.com/c/jyotikhare
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