उम्मीद तो हरी है .........

दौर पतझड़ का सही, उम्मीद तो हरी है

गुरुवार, जून 18, 2015

होना तो कुछ चाहिए

›
कविता संग्रह का विमोचन  ***************************** वरिष्ठ कवि ज्योति खरे के पहले कविता संग्रह "होना त...
शुक्रवार, मई 01, 2015

कामरेड आगे बढ़ो --------

›
कामरेड तुम्हारी भीतरी चिंता तुम्हारे चेहरे पर उभर आयी है तुम्हारी लाल आँखों से साफ़ झलकता है कि,तुम उदासीन लोगों को जगाने में जुटे हो --...
गुरुवार, फ़रवरी 26, 2015

आज भी रिस रहा है -----

›
 जब कभी तराशा होगा पहाड़ को दर्दनाक चीख आसमान तक तो पहुंची होगी--- आसमान तो आसमान है वह तो केवल अपनी ...
सोमवार, जनवरी 26, 2015

बसंत तुम लौट आये हो ------

›
अच्छा हुआ तुम इस सर्दीले वातावरण में लौट आये हो--   सुधर गई बर्फीले प्रेम की तबियत     जमने लगीं मौसम की नंगी ...
बुधवार, जनवरी 14, 2015

अम्मा का निजि प्रेम -------

›
आटे के ठोस तिली के मुलायम लड्डू मीठी नीम के तड़के से लाल मिर्च शक्कर भुरका नमकीन हींग,मैथी,र...
शनिवार, जनवरी 03, 2015

इस बरस और कई कई बरस ----

›
  कई वर्षों से इकठ्ठे टुकनियां भर निवेदनों को एक ही झटके में झटककर मन के हवालात में अपराधियों की कतार में खड़ा कर दिया   ...
बुधवार, दिसंबर 17, 2014

दुनियां की सभी माओं के आंसू ----

›
सीढ़ी पर बैठे बच्चे बच्चे नहीं समूची दुनियां के नयी सदी के मनुष्य थे   सीढ़ी पर बैठकर...
7 टिप्‍पणियां:
‹
›
मुख्यपृष्ठ
वेब वर्शन देखें

परिचय

मेरी फ़ोटो
Jyoti khare
छिंदवाडा, India
अपनी ज़मीन पर खड़ा एक साधारण आदमी.... http://www.youtube.com/c/jyotikhare
मेरा पूरा प्रोफ़ाइल देखें
Blogger द्वारा संचालित.