उम्मीद तो हरी है .........
दौर पतझड़ का सही, उम्मीद तो हरी है
गुरुवार, अक्टूबर 05, 2017
शरद का चांद
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शरद का चांद *********** वर्षों से सम्हाले प्रेम के खुरदुरेपन को खरोंच डाला है सपनों ने दीवाल पर चिपका रखी हैं खींचकर अनगिनत फ़ोटो चां...
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शनिवार, जुलाई 01, 2017
अम्मा का आज जन्मदिन है
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पापा का पत्र अम्मा के नाम पम्मी, आज मुझे जीवन के बारे में सोचने का मौका मिला है, मुझे पुराने दिन याद आ रहें हैं,गरीबी के दिन याद...
शनिवार, जून 17, 2017
पिता -----
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अँधेरे को चीरते सन्नाटे में अपने से ही बात करते पिता यह सोचते हैं कि कोई उनकी आवाज नहीं सुन रहा होगा मैं सुनता हूँ कां...
सोमवार, जून 05, 2017
एक हरे पेड़ की तलाश
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🔴🌴 निकले थे गमझे में कुछ जरुरी सामान बांध कर किसी पुराने पेड़ के नीचे बैठकर बीनकर लाये हुए कंडों को सुलगाकर ग...
सोमवार, सितंबर 12, 2016
बिटिया, जीत तो तुम्हारी ही होती है ----
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सुबह होते ही फेरती हो स्नेहमयी उंगलियाँ उनींदी घास हो जाती है तरोताजा गुनगुनाने की आवाज सुनते ही निकलकर घोंसलों से टहनियों पर पंख फटकार...
9 टिप्पणियां:
मंगलवार, फ़रवरी 09, 2016
अंधेरे में आया था
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शंकाऐं ह्रदय तट पर जमघट लगाएं अरमान मरघट सजाऐं--- बांधकर दाल दी है मैंने गठरी में यातनायें और पीड़ा फ...
सोमवार, अक्टूबर 26, 2015
शरद का चाँद बनकर ----
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कुछ कागज में लिखी स्मृतियाँ कुछ में सपने कुछ में दर्द कुछ में लिखा चाँद चांद रोटियों की शक्ल में ढल गया भ...
7 टिप्पणियां:
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