उम्मीद तो हरी है .........
दौर पतझड़ का सही, उम्मीद तो हरी है
शनिवार, फ़रवरी 10, 2018
टेडी-बियर
›
टेडी-बियर ********* कपास के जंगल से उड़कर असुंदर,रंगीन गुदगुदा गोला युद्धरत आदमियों के बीच गिरा झुर्रीदार चमड़ी और धधकती आंखों ने सजाकर...
गुरुवार, फ़रवरी 08, 2018
स्त्री
›
स्त्री ***** स्त्री छोटी या बड़ी गहरी और सुनिश्चित भाग्य रेखा संस्कार और परंपराओं में लिपटी जलती हुई सुगंधित अगरबत्ती स्त्री जीवन की ...
रविवार, फ़रवरी 04, 2018
गुम गयी है व्यवहार की किताब
›
गुम गयी है व्यवहार की किताब ************************ धुंधली आंखें भी पहचान लेती हैं भदरंग चेहरे सुना है इन चेहरों में मेरा चेहरा भी द...
1 टिप्पणी:
बुधवार, जनवरी 31, 2018
चुप्पियों की उम्र क्या है
›
चुप्पियों की उम्र क्या है ****************** अपराधियों की दादागिरी साजिशों का दरबार वक्त का जालिम करिश्मा अंधी है सरकार बेगुनाही का नम...
गुरुवार, जनवरी 25, 2018
अपने ही घरों से ------
›
शराफत की ठंड से सिहर गये हैं लोग दुश्मनी की आंच से बिखर गये हैं लोग-- जिनके चेहरों पर धब्बों की भरमार है आईना देखते ही निखर गये हैं लोग...
सोमवार, जनवरी 22, 2018
बसंत के आने की आहट
›
सफर से लौटकर आने की आहटों से चोंक गए बरगद, नीम, आम महुओं का उड़ गया नशा बड़े बड़े दरख्तों के फूल गए फेंफड़े हर तरफ कानों में घुलने लगा ...
मंगलवार, जनवरी 16, 2018
गंगा की छाती पर
›
गंगा की छाती पर ************** गंगा की छाती पर जब भरने लगता है महाकुंभ महाकुंभ में बस जाती हैं कई कई बस्तियां बस्तियों में सम्मलित हो ...
‹
›
मुख्यपृष्ठ
वेब वर्शन देखें