उम्मीद तो हरी है .........
दौर पतझड़ का सही, उम्मीद तो हरी है
बुधवार, जून 06, 2018
विकलांग
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निकले थे गमझे में कुछ जरुरी सामान बांध कर किसी पुराने पेड़ के नीचे बैठकर बीनकर लाये हुए कंडों को सुलगाकर गक्क्ड़ भरता बनायेंगे तपती दोप...
मंगलवार, मई 22, 2018
चाहत
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अच्छे दोस्त हैं नदी और पहाड़ दिनभर एक दूसरे को धकियाते खुसुर-पुसुर बतियाते रात के गहन सन्नाटे में दोनों अपनी अपनी चाहतों को सहलाते पुच...
शनिवार, अप्रैल 14, 2018
प्रेम नहीं विद्रोह लिखो
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प्रेम नहीं विद्रोह लिखो-- ------------------------------ नंगी प्रजातियों की नंगी ज़बान थूककर चाट रहे अपने बयान चेहरों पर कराकर फेशियल खो...
शनिवार, मार्च 31, 2018
गम अगरबत्ती की तरह देर तक जला करते हैं-- मीना कुमारी
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मीना कुमारी की पुन्य तिथि पर ************************* ये मेरे हमनशी चल कहीं और चल इस चमन में त...
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रविवार, मार्च 25, 2018
गर्मी आने की आहट
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समय के गाल पर मारकर चांटा इधर उधर भाग रहा है मौसम चबूतरे पर पसरा पड़ा है बेसुध सन्नाटा कुत्ते भी उदास होकर हांफने लगे है कुआं , तलाब...
गुरुवार, मार्च 08, 2018
महिलाएं चाहती हैं
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महिलाएं चाहती हैं ************ चाहती हैँ ईँट भट्टोँ मेँ काम करने वाली महिलाएं कि उनका भी अपना घर हो चाहती हैँ खेतोँ पर भूखे रहकर अ...
शनिवार, फ़रवरी 17, 2018
साझा संकल्प लिया था अपन दोनों ने
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साझा संकल्प लिया था अपन दोनों ने ****************************** तुम्हारे मेंहदी रचे हाथों में रख दी थी अपनी भट्ट पड़ी हथेली महावर लगे त...
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