उम्मीद तो हरी है .........
दौर पतझड़ का सही, उम्मीद तो हरी है
सोमवार, अप्रैल 01, 2019
मूर्ख दिवस पर -- समझदारी की बातें
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चिल्लाकर मुहं खोल बे खुल्म खुल्ला बोल बे नेताओं की तोंद देखकर पचका पेट टटोल बे सुरा सुंदरी और सत्ता का स्वाद चखो बकलोल बे सत्ता नाच रह...
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शुक्रवार, मार्च 29, 2019
आई पी एल और बच्चे
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खेल तो हम कभी भी खेल लेंगे ********************** जीत और हार की संभावनाओं के साथ पान पराग, विमल, राजश्री, के पाऊच और गोल्डफ्लेग सिगरेट के...
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सोमवार, मार्च 18, 2019
छेवला उर्फ टेसू
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फागुन की समेटकर बैचेनियां दहक रहा टेसू महुये की दो घूंट पीकर बहक रहा टेसू--- सुर्ख सूरज को चिढ़ाता खिलखिलाता प्रेम की दीवानगी का रूत...
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शुक्रवार, मार्च 08, 2019
स्त्रियां चाहती हैं
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चाहती हैं ईट भट्टोंँ में काम करने वाली स्त्रियां कि, उनका भी अपना घर हो चाहती हैं खेतों पर भूखे रहकर अनाज ऊगाने वाली स्त्रियां कि, ...
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शनिवार, फ़रवरी 16, 2019
पुलवामा से
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सूरज का माथा चूमने वाले प्रकाश चक्र थे वे धरती को मां कहने वाले सुरक्षा बीज थे वे सारी दिशाओं में घूमते प्रहरी थे वे फौजी थे वे जा रह...
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पुलवामा से
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सूरज का माथा चूमने वाले प्रकाश चक्र थे वे धरती को मां कहने वाले सुरक्षा बीज थे वे सारी दिशाओं में घूमते प्रहरी थे वे फौजी थे वे जा रह...
बुधवार, फ़रवरी 13, 2019
साझा संकल्प
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तुम्हारे मेंहदी रचे हाथों में रख दी थी मैंने अपनी भट्ट पड़ी हथेली और तुमने महावर लगे अपने पांव रख दिये थे मेरे खुरदुरे आंगन में साझा स...
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