उम्मीद तो हरी है .........
दौर पतझड़ का सही, उम्मीद तो हरी है
रविवार, जून 23, 2019
रिक्शे वाला
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रिक्शे वाला ******** मैं न प्रेमी हूं न आशिक हूं न मंजनू हूं न दीवाना हूं मेरा काम है सुबह से सड़कोँ पर मनुष्य की मनुष्यता को ढ़ोना र...
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गुरुवार, जून 20, 2019
मुजफ्फरपुर से
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आसमान में गूंजती मुजफ्फरपुर के बच्च्चों की दर्दनाक चीखें रोते हुए घर से निकली सकरी गली से गुजरती शासकीय अस्पताल में आकर एक दूसरे से मि...
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रविवार, जून 16, 2019
पापा
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अँधेरों को चीरते सन्नाटे में अपने से ही बात करते पापा यह सोचते थे कि कोई उनकी आवाज नहीं सुन रहा होगा मैं सुनता था कांच के चटकटने सी ओ...
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मंगलवार, जून 04, 2019
ईद मुबारक
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सुबह से इंतजार है तुम्हारे मोगरे जैसे खिले चेहरे को करीब से देखूं ईद मुबारक कह दूँ पर तुम शीरखुरमा, मीठी सिवईयाँ बांटने में लगी हो ...
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रविवार, जून 02, 2019
सावित्री का प्रेम आज भी जिंदा है-----
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डंके की चोट पर ऐंठ कर पकड़ ली मृत्यु के देवता की कालर विद्रोह का बजा दिया बिगुल निवेदनों की लगा दी झड़ी गहरे धरातल से खींच कर ले आयी ...
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रविवार, मई 26, 2019
तपती गरमी जेठ मास में ------
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अनजाने ही मिले अचानक एक दोपहरी जेठ मास में खड़े रहे हम बरगद नीचे तपती गरमी जेठ मास में- प्यास प्यार की लगी हुयी होंठ मांगते पीना सरकी च...
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सोमवार, मई 20, 2019
नदी और पहाड़
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अच्छे दोस्त हैं नदी और पहाड़ दिनभर एक दूसरे को धकियाते खुसुर-पुसुर बतियाते हैं रात के गहन सन्नाटे में दोनों अपनी अपनी चाहतों को सहलात...
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