उम्मीद तो हरी है .........
दौर पतझड़ का सही, उम्मीद तो हरी है
शुक्रवार, अगस्त 02, 2019
अस्पताल से
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तड़फते,कराहते वातावरण में धड़कनों की महीन आवाजें पढ़ती हैं उदास संवेदनाओं के चेहरों पर अनगिनत संभावनाऐं घबड़ाहटें चुपचाप देखती हैं प्...
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शुक्रवार, जुलाई 26, 2019
वाह रे पागलपन
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सावन में मंदिर के सामने घंटों खड़े रहना तुम्हें कई कोंणों से देखना तुम्हारे चमकीले खुले बाल हवा में लहराता दुपट्टा मेंहदी रचे हांथ जान...
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सोमवार, जुलाई 22, 2019
पढ़ना जरूरी है
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बारूद में लिपटी जीवन की किताब को पढ़ते समय गुजरना पड़ता है पढ़ने की जद्दोजहद से दहशतजदा हवाओं का खिड़कियों से सर्राते चले आना छत के ऊपर ...
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मंगलवार, जुलाई 16, 2019
गुरु पूर्णिमा के दिन
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चौराहे की तीन सड़कों के किनारे अलग अलग गुटों ने अपने अपने मंदिर बना रखे हैं तरह तरह के पुजारी नियुक्त हैं अलग अलग गुरुओं की आवाजाही बन...
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गुरुवार, जुलाई 04, 2019
सावधान हो जाओ
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बादल दहाड़ते आते हैं बिजली बार-बार चमककर जीवन के उन अंधेरे हिस्सों को दिखाती है जिन्हें हम अनदेखा कर अपनी सुविधानुसार जीते हैं और सोचत...
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सोमवार, जुलाई 01, 2019
दाई से क्या पेट छुपाना
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रुंधे कंठ से फूट रहें हैं अब भी भुतहे भाव भजन-- शिवलिंग,नंदी,नाग पुराना किंतु झांझ,मंजीरे,ढोलक चिमटे नये,नया हरबाना रक्षा सूत्र का ता...
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रविवार, जून 23, 2019
रिक्शे वाला
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रिक्शे वाला ******** मैं न प्रेमी हूं न आशिक हूं न मंजनू हूं न दीवाना हूं मेरा काम है सुबह से सड़कोँ पर मनुष्य की मनुष्यता को ढ़ोना र...
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