उम्मीद तो हरी है .........
दौर पतझड़ का सही, उम्मीद तो हरी है
शुक्रवार, अगस्त 16, 2019
बच्चे सहेजना चाहते हैं
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स्वतंत्रता दिवस की परेड में खड़े इस महादेश के बच्चे आपस में बातें कर रहें हैं कि जहां मजदूर,किसान,खेत और रोटी की बात होना चाहिए वहां हथि...
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रविवार, अगस्त 04, 2019
दोस्तो मेरे पास आओ
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तूफानो को पतवार से बांध दिया है बहसों, बेतुके सवालों कपटपन और गुटबाजी की राई, नून, लाल मिर्च से नजर उतारकर शाम के धुंधलके में जला दिय...
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शुक्रवार, अगस्त 02, 2019
अस्पताल से
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तड़फते,कराहते वातावरण में धड़कनों की महीन आवाजें पढ़ती हैं उदास संवेदनाओं के चेहरों पर अनगिनत संभावनाऐं घबड़ाहटें चुपचाप देखती हैं प्...
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शुक्रवार, जुलाई 26, 2019
वाह रे पागलपन
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सावन में मंदिर के सामने घंटों खड़े रहना तुम्हें कई कोंणों से देखना तुम्हारे चमकीले खुले बाल हवा में लहराता दुपट्टा मेंहदी रचे हांथ जान...
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सोमवार, जुलाई 22, 2019
पढ़ना जरूरी है
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बारूद में लिपटी जीवन की किताब को पढ़ते समय गुजरना पड़ता है पढ़ने की जद्दोजहद से दहशतजदा हवाओं का खिड़कियों से सर्राते चले आना छत के ऊपर ...
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मंगलवार, जुलाई 16, 2019
गुरु पूर्णिमा के दिन
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चौराहे की तीन सड़कों के किनारे अलग अलग गुटों ने अपने अपने मंदिर बना रखे हैं तरह तरह के पुजारी नियुक्त हैं अलग अलग गुरुओं की आवाजाही बन...
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गुरुवार, जुलाई 04, 2019
सावधान हो जाओ
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बादल दहाड़ते आते हैं बिजली बार-बार चमककर जीवन के उन अंधेरे हिस्सों को दिखाती है जिन्हें हम अनदेखा कर अपनी सुविधानुसार जीते हैं और सोचत...
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