उम्मीद तो हरी है .........
दौर पतझड़ का सही, उम्मीद तो हरी है
सोमवार, जनवरी 13, 2020
सिगड़ी में रखी चाय
›
सिगड़ी में रखी चाय **************** गली की आखिरी मोड़ वाली पुलिया पर बैठकर बहुत इंतजार किया तुम नहीं आयीं यहां तक तो ठीक था पर तुम घर स...
15 टिप्पणियां:
शनिवार, जनवरी 04, 2020
कुछ नया होना चाहिए
›
नये वर्ष में ******** इस धरती पर कुछ नया कुछ और नया होना चाहिए चाहिए अल्हड़पन सी दीवानगी जीवन का मनोहारी संगीत अपनेपन का गीत चाहिए ...
19 टिप्पणियां:
रविवार, दिसंबर 29, 2019
जिन्दा रहने की वजह
›
जिन्दा रहने की वजह ***************** सम्हाल कर रखा है तुम्हारे वादों का दिया हुआ ब्राउन रंग का मफलर बांध लेता हूँ जब कभी तब कान में ...
13 टिप्पणियां:
गुरुवार, दिसंबर 19, 2019
यूकेलिप्टस
›
यूकेलिप्टस ********* एक दिन तुम और मैं शाम को टहलते उंगलियां फसाये उंगलियों में निकल गये शहर के बाहर-- तुमने पूछा क्या होता है...
10 टिप्पणियां:
मंगलवार, अक्टूबर 22, 2019
आगे बढ़ो
›
आगे बढ़ो ******** कामरेड तुम्हारी भीतरी चिंता तुम्हारे चेहरे पर उभर आयी है तुम्हारी लाल आँखों से साफ़ झलकता है कि,तुम उदासीन लोगों को ...
11 टिप्पणियां:
रविवार, अक्टूबर 13, 2019
तुम्हारी मुठ्ठी में कैद है तुम्हारा चांद
›
तुम्हारी मुठ्ठी में कैद है-तुम्हारा चाँद **************************** चाँद को तो उसी दिन रख दिया था तुम्हारी हथेली पर जिस दिन मेरे आवा...
17 टिप्पणियां:
बुधवार, अक्टूबर 09, 2019
रावण जला आये बंधु
›
रावण जला आये बंधु ***************** कागज लकड़ी जूट और मिट्टी से बना नकली रावण जला आये बंधु ! जो लोग सहेजकर सुरक्षित रखे हैं शातिराना...
10 टिप्पणियां:
‹
›
मुख्यपृष्ठ
वेब वर्शन देखें