उम्मीद तो हरी है .........
दौर पतझड़ का सही, उम्मीद तो हरी है
मंगलवार, जनवरी 28, 2020
आम आदमी के हरे भरे सपने
›
हरे-भरे सपने *********** आम आदमी के कान में फुसफुसाती आवाजें निकल जाती हैं यह कहते हुए कि, टुकड़े टुकड़े जमीन पर सपनें मत उगाओ जानते ...
9 टिप्पणियां:
बुधवार, जनवरी 22, 2020
बसंत तुम लौट आये हो
›
बसंत तुम लौट आये **************** अच्छा हुआ इस सर्दीले वातावरण में तुम लौट आये हो सुधरने लगी है बर्फीले प्रेम की तासीर जमने लगी है ...
16 टिप्पणियां:
गुरुवार, जनवरी 16, 2020
गुस्सा हैं अम्मा
›
गुस्सा हैं अम्मा *********** नहीं जलाया कंडे का अलाव नहीं बनाया गक्कड़ भरता नहीं बनाये मैथी के लड्डू नहीं बनाई गुड़ की पट्टी अम्मा ने इस...
21 टिप्पणियां:
सोमवार, जनवरी 13, 2020
सिगड़ी में रखी चाय
›
सिगड़ी में रखी चाय **************** गली की आखिरी मोड़ वाली पुलिया पर बैठकर बहुत इंतजार किया तुम नहीं आयीं यहां तक तो ठीक था पर तुम घर स...
15 टिप्पणियां:
शनिवार, जनवरी 04, 2020
कुछ नया होना चाहिए
›
नये वर्ष में ******** इस धरती पर कुछ नया कुछ और नया होना चाहिए चाहिए अल्हड़पन सी दीवानगी जीवन का मनोहारी संगीत अपनेपन का गीत चाहिए ...
19 टिप्पणियां:
रविवार, दिसंबर 29, 2019
जिन्दा रहने की वजह
›
जिन्दा रहने की वजह ***************** सम्हाल कर रखा है तुम्हारे वादों का दिया हुआ ब्राउन रंग का मफलर बांध लेता हूँ जब कभी तब कान में ...
13 टिप्पणियां:
गुरुवार, दिसंबर 19, 2019
यूकेलिप्टस
›
यूकेलिप्टस ********* एक दिन तुम और मैं शाम को टहलते उंगलियां फसाये उंगलियों में निकल गये शहर के बाहर-- तुमने पूछा क्या होता है...
10 टिप्पणियां:
‹
›
मुख्यपृष्ठ
वेब वर्शन देखें