उम्मीद तो हरी है .........
दौर पतझड़ का सही, उम्मीद तो हरी है
शुक्रवार, फ़रवरी 14, 2020
अपन दोनों
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देखते,सुनते,झगड़ते चौंतीस वर्ष हो गये ************ तुम्हारे मेंहदी रचे हाथों में रख दी थी मैंने अपनी भट्ट पड़ी हथेली और तुमने ...
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बुधवार, फ़रवरी 05, 2020
मेरी नागरिकता की पहचान
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मेरी नागरिकता की पहचान उसी दिन घोषित हो गयी थी जिस दिन दादी ने आस-पड़ोस में चना चिंरोंजी बांटते हुए कहा था मेरे घर एक नया मेहमान आन...
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सोमवार, फ़रवरी 03, 2020
प्रेम को बचाने के लिए
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मेरी जमानत का इंतजाम करके रखना जा रहा हूं व्यवहार की कोरी कापी में प्रेम लिखने हो सकता है लिखते समय मुझे लाठियों से मारा जाए सिर फोड़...
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मंगलवार, जनवरी 28, 2020
आम आदमी के हरे भरे सपने
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हरे-भरे सपने *********** आम आदमी के कान में फुसफुसाती आवाजें निकल जाती हैं यह कहते हुए कि, टुकड़े टुकड़े जमीन पर सपनें मत उगाओ जानते ...
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बुधवार, जनवरी 22, 2020
बसंत तुम लौट आये हो
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बसंत तुम लौट आये **************** अच्छा हुआ इस सर्दीले वातावरण में तुम लौट आये हो सुधरने लगी है बर्फीले प्रेम की तासीर जमने लगी है ...
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गुरुवार, जनवरी 16, 2020
गुस्सा हैं अम्मा
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गुस्सा हैं अम्मा *********** नहीं जलाया कंडे का अलाव नहीं बनाया गक्कड़ भरता नहीं बनाये मैथी के लड्डू नहीं बनाई गुड़ की पट्टी अम्मा ने इस...
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सोमवार, जनवरी 13, 2020
सिगड़ी में रखी चाय
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सिगड़ी में रखी चाय **************** गली की आखिरी मोड़ वाली पुलिया पर बैठकर बहुत इंतजार किया तुम नहीं आयीं यहां तक तो ठीक था पर तुम घर स...
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