उम्मीद तो हरी है .........

दौर पतझड़ का सही, उम्मीद तो हरी है

शनिवार, जून 20, 2020

पापा

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अंधेरों को चीरते सन्नाटे में  अपने से ही बात करते पापा यह सोचते थे कि कोई उनकी आवाज  नहीं सुन रहा होगा मैं सुनता था कांच के चटकने जैसी ओस के...
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मंगलवार, जून 02, 2020

फिरोजी चुन्नी

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बहुत देर से अंकिता दीवाल पर छिपकली के रेंगने और चालाकी से कीड़े को पकड़ने का संघर्ष देख रही है. छिपकली की आंखें कितनी तेज और खतरनाक होती हैं, ...
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बुधवार, मई 27, 2020

बूढ़े आदमी की पर्ची

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एक मित्र का फोन आया कहने लगा "तुम्हें कोई पर्ची मिली क्या" मैंने कहा कैसी पर्ची, वो बोला " जब मिलेगी तो पढ़ना, मुझे तो मिली है...
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सोमवार, मई 25, 2020

ईद मुबारक

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सुबह से  इंतजार है  तुम्हारे मोंगरे जैसे  खिले चेहरे को करीब से देखूं ईद मुबारक  कह दूं पर तुम  शीरखोरमा मीठी सिवैंईयां बांटने में लगी हो मा...
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सोमवार, मई 18, 2020

लौट रहें हैं अपने गांव--

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तुम्हारे वादों को  आवाजों को सिरे से खारिज कर  अपने मजबूत पांव में बांधकर आत्मनिर्भरता हम तो लौट रहें हैं अपने गांव-- शातिरों ने संवेदनाएं ल...
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शनिवार, मई 09, 2020

घर पहुंचने की चाहत में--

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घर पहुंचने की चाहत में निकले थे  गमछे में  कुछ जरूरी सामान बांधकर कि, रास्ते में चलते समय जब बहुत हताश  और भूख से बेहाल हो जायेंगे तो किसी  ...
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शुक्रवार, मई 01, 2020

कहां खड़ा है हमारा मजदूर--

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स्वतंत्र भारत के प्राकृतिक वातावरण में हम बेरोक टोक सांस ले रहे हैं, पर एक वर्ग ऐसा है, जिसकी साँसों में आज भी नियंत्रण है. ये वर्ग है हमारा...
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Jyoti khare
छिंदवाडा, India
अपनी ज़मीन पर खड़ा एक साधारण आदमी.... http://www.youtube.com/c/jyotikhare
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