उम्मीद तो हरी है .........
दौर पतझड़ का सही, उम्मीद तो हरी है
शुक्रवार, जुलाई 24, 2020
चाय पीते समय
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चाय पीते समय ************* सुबह के कामों से फुरसत होकर अकेला बैठा एक कप काली चाय पी रहां हूं. इस तरह का अकेलापन 60 साल के बाद ही आता है,ऐसे...
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गुरुवार, जुलाई 02, 2020
कोहरे के बाद धूप निकलेगी
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लघु कथा ******** कोहरे के बाद धूप निकलेगी ********************** सिवनी जाने वाली बस अपने निर्धारित समय से बीस मिनट पहले ही दीनदयाल बस स्टेंड...
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शनिवार, जून 20, 2020
पापा
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अंधेरों को चीरते सन्नाटे में अपने से ही बात करते पापा यह सोचते थे कि कोई उनकी आवाज नहीं सुन रहा होगा मैं सुनता था कांच के चटकने जैसी ओस के...
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मंगलवार, जून 02, 2020
फिरोजी चुन्नी
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बहुत देर से अंकिता दीवाल पर छिपकली के रेंगने और चालाकी से कीड़े को पकड़ने का संघर्ष देख रही है. छिपकली की आंखें कितनी तेज और खतरनाक होती हैं, ...
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बुधवार, मई 27, 2020
बूढ़े आदमी की पर्ची
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एक मित्र का फोन आया कहने लगा "तुम्हें कोई पर्ची मिली क्या" मैंने कहा कैसी पर्ची, वो बोला " जब मिलेगी तो पढ़ना, मुझे तो मिली है...
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सोमवार, मई 25, 2020
ईद मुबारक
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सुबह से इंतजार है तुम्हारे मोंगरे जैसे खिले चेहरे को करीब से देखूं ईद मुबारक कह दूं पर तुम शीरखोरमा मीठी सिवैंईयां बांटने में लगी हो मा...
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सोमवार, मई 18, 2020
लौट रहें हैं अपने गांव--
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तुम्हारे वादों को आवाजों को सिरे से खारिज कर अपने मजबूत पांव में बांधकर आत्मनिर्भरता हम तो लौट रहें हैं अपने गांव-- शातिरों ने संवेदनाएं ल...
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