उम्मीद तो हरी है .........
दौर पतझड़ का सही, उम्मीद तो हरी है
शुक्रवार, सितंबर 11, 2020
प्रेम
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प्रेम *** मैंने जब जब प्रेम को हथेलियों में रखकर खास कशीदाकारी से सँवारने की कोशिश की प्रेम हथेलियों से फिसलकर गिर जाता है औऱ मैं फिर से खाल...
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रविवार, अगस्त 23, 2020
नदी
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सुबह तुम जब सिरहाने बैठकर फेरकर माथे पर उंगलियां मुझे जगाती हो मैँ तुम्हारी तरह नदी बन जाती हूँ दिनभर चमकती,इतराती,लहराती हूं--- "ज्...
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बुधवार, अगस्त 12, 2020
कृष्ण का प्रेम
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कृष्ण का प्रेम *********** भक्तिकाल की कंदराओं से निकलकर आधुनिक काल की चमचमाती रौशनियों से सजे सार्वजानिक जीवन में कृष्ण के स्थापित प्रेम...
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गुरुवार, अगस्त 06, 2020
प्रेम तुम कब आ रहे हो
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प्रेम तुम कब आ रहे हो ******************* तार पीतल के हों एल्युमिनियम के हों या हों टेलीफोन के प्रेम के तार किसी भी तार से नहीं बंधते प्रे...
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रविवार, अगस्त 02, 2020
सावन सोमवार औऱ मैं
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वाह रे पागलपन ************* तुम्हारे चमकीले खुले बाल मेंहदी रचे हांथ जानबूझ कर सावनी फुहार में भींगना हरे दुपट्टे को नेलपॉलिश लगी उंगलियों स...
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दोस्तों के लिए दुआ
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दोस्तों के लिए दुआ **************** मैं बजबजाती जमीन पर खड़ा मांग रहा हूँ दोस्तों के लिए दुआ सबकी गुमशुदा हंसी लौट आये घर कोई भी न करे मजाकि...
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शुक्रवार, जुलाई 24, 2020
चाय पीते समय
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चाय पीते समय ************* सुबह के कामों से फुरसत होकर अकेला बैठा एक कप काली चाय पी रहां हूं. इस तरह का अकेलापन 60 साल के बाद ही आता है,ऐसे...
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