उम्मीद तो हरी है .........
दौर पतझड़ का सही, उम्मीद तो हरी है
मंगलवार, अगस्त 17, 2021
बहन
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बहन **** एक- स्मृतियों में बहन ************* मैं टूटकर बिखरते समय जब भी घबड़ाता हूं हंसती ,खिलखिलाती गुलाबी बुंदके वाली फ्राक पहने दो चोटी...
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सोमवार, अगस्त 09, 2021
आदिवासी लड़कियां
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आदिवासी लड़कियां **************** भिनसारे उठते ही फेरती हैं जब घास पर गुदना गुदी स्नेहमयी हथेलियां उनींदी घास भी हो जाती है तरोताजा लोकगी...
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गुरुवार, जुलाई 22, 2021
साड़ी की प्लेट
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साड़ी की प्लेट *********** हाँथ की लकीरों को जब से पढ़वाकर लौटी है काले बादलों को भेदकर उड़ने लगी है कल्पनाओं के सातवें आसमान में उसे लगने ल...
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गुरुवार, जुलाई 15, 2021
टाई की नॉट
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टाई की नॉट ********** लड़की ने पिता से पूछा विवाह में लड़के को शूट,टाई,जूते क्यों देते हैं पिता क्या कहते बस सोचते रहे बेटी के लिए वर ऊं...
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बुधवार, मई 19, 2021
स्त्री बांधकर रखती है अपनी चुन्नी में
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डूबते सूरज को उठा लाया हूं तुम्हें सौंपने कि अभी बाकी है घुप्प अंधेरों से लड़ना कि अभी बाकी है नफरतों की चादरों से ढंकी प्रेम के ख़िलाफ़ हो रही...
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मंगलवार, मई 04, 2021
लोरियां सुनाने
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बीनकर लाती है जंगल से कुछ सपने कुछ रिश्ते कुछ लकड़ियां टांग देती है खूटी पर सपने सहेजकर रखती है आले में बिखरे रिश्ते डिभरी की टिमटिमाहट मेँ ट...
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मंगलवार, अप्रैल 27, 2021
गुहार
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गुहार **** गालियां देता मन दहशत भरा माहौल चुप्पियां दरवाजा बंद कर रहीं खिड़कियाँ रहीं खोल थर्मामीटर नाप रहा शहर का बुखार सिसकियां लगा रहीं...
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