उम्मीद तो हरी है .........
दौर पतझड़ का सही, उम्मीद तो हरी है
मंगलवार, मार्च 15, 2022
टेसू और फागुन
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टेसू और फागुन ************ कटे हुए टेसू का हालचाल पूंछने सालभर में एक बार आता है फागुन टेसू फागुन से मिलते ही टपकाने लगता है विकास के पांव ...
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सोमवार, मार्च 07, 2022
उपेक्षा के दौर से गुजर रहीं मजदूर नारियां
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संदर्भ महिला दिवस उपेक्षा के दौर से गुजर रही हैं मजदूर नारियां **************** नारी की छवि एक बार फिर इस प्रश्न को जन्म द...
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रविवार, फ़रवरी 27, 2022
युद्ध की कहानियां
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युद्ध की कहानियां ************** लिखी जा रही हैं संवेदनाओं की पीठ पर युद्ध की कहानियां झुंझलाते, झल्लाते वातावरण में बांटा जा रहा है डिस्प...
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सोमवार, फ़रवरी 21, 2022
प्यार मैं ही, मैं करूं
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प्यार मैं ही, मैं करूं *********** मन-मधुर वातावरण में प्यार बाँटें प्यार कर लें दु:ख अपने पांव पर जो खड़ा था, अब दौड़ता है हर तराशे सुख के ...
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गुरुवार, फ़रवरी 17, 2022
जब से तुमने
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जब से तुमने ********** जब से तुमने लहरों की तरह उसके भीतर मचलना शुरू किया वह समुंदर हो गया जब से तुमने इशारे से बुलाकर उसके कान में कहा ...
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मंगलवार, अगस्त 17, 2021
बहन
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बहन **** एक- स्मृतियों में बहन ************* मैं टूटकर बिखरते समय जब भी घबड़ाता हूं हंसती ,खिलखिलाती गुलाबी बुंदके वाली फ्राक पहने दो चोटी...
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सोमवार, अगस्त 09, 2021
आदिवासी लड़कियां
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आदिवासी लड़कियां **************** भिनसारे उठते ही फेरती हैं जब घास पर गुदना गुदी स्नेहमयी हथेलियां उनींदी घास भी हो जाती है तरोताजा लोकगी...
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