उम्मीद तो हरी है .........

दौर पतझड़ का सही, उम्मीद तो हरी है

गुरुवार, जुलाई 07, 2022

प्रेम देखता है

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प्रेम देखता है ********** गांव के बूढ़े बरगद के नीचे बैठकर कुछ बूढ़े कहते हैं  प्रेम अंधा होता है कुछ शहरी बूढ़े बगीचे में बिछी बेंचों पर बैठकर...
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गुरुवार, जून 23, 2022

फुरसतिया बादल

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फुरसतिया बादल ************* बजा बजा कर ढोल नगाड़े फुरसतिया बादल आते बिजली के संग रास नचाते बूंद बूंद चुंचुआते-- कंक्रीट के शहर में ऋतुयें रहन...
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गुरुवार, जून 09, 2022

किससे पूछें किसका गांव

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किससे पूछें किसका गांव आधी धूप और आधी छांव जंगलों में ढूंढ रहे प्रणय का फासला अंदर ही अंदर घाव रहे तिलमिला सड़कों की दूरियां  पास नहीं आती है...
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रविवार, जून 05, 2022

विकलांग पेड़ों के पास से गुजरते हुए

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निकले थे  गमझे में कुछ जरुरी सामान बांध कर    कि किसी पुराने पेड़ के नीचे  बैठेंगे और बीनकर लाये हुए कंडों को सुलगाकर पेड़ की छांव में गक्क्ड़ ...
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गुरुवार, जून 02, 2022

तपती गर्मी जेठ मास में

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अनजाने ही मिले अचानक  एक दोपहरी जेठ मास में  खड़े रहे हम बरगद नीचे  तपती गरमी जेठ मास में- प्यास प्यार की लगी हुयी होंठ मांगते पी...
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बुधवार, मई 25, 2022

बूंद

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💧बूंद 💦  ******** उबलता हुआ जीवन आसमान की छत पर भाप बनकर चिपक जाता है जब तब काला सफ़ेद बादल घसीट कर भर लेता है अपने आगोश में   ...
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शनिवार, मई 21, 2022

चाय की चुस्कियों के साथ

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चाय की चुस्कियों के साथ ******************** हांथ से फिसलकर मिट्टी की गुल्लक क्या फूटी छन्न से बिखर गयी चिल्लरों के साथ जोड़कर रख...
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Jyoti khare
छिंदवाडा, India
अपनी ज़मीन पर खड़ा एक साधारण आदमी.... http://www.youtube.com/c/jyotikhare
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