उम्मीद तो हरी है .........

दौर पतझड़ का सही, उम्मीद तो हरी है

गुरुवार, अगस्त 25, 2022

राह देखते रहे

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राह देखते रहे *********** राह देखते रहे उम्र भर  क्षण-क्षण घडियां  घड़ी-घड़ी दिन  दिन-दिन माह बरस बीते  आंखों के सागर रीते-- चढ़ आईं गंगा की...
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गुरुवार, अगस्त 11, 2022

दोस्त के लिए

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दोस्त के लिए *********** तार चाहे पीतल के हों या हों एल्युमिनियम के  या हों फोन के  दोस्त! दोस्ती के तार  महीन धागों से बंधे होते हैं मुझे  ...
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गुरुवार, अगस्त 04, 2022

प्रेम को नमी से बचाने

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प्रेम को नमी से बचाने **************** धुओं के छल्लों को छोड़ता मुट्ठी में आकाश पकड़े छाती में  जीने का अंदाज बांधें चलता रहा  अनजान रास्तों प...
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बुधवार, जुलाई 13, 2022

मेरे हिस्से का बचा हुआ प्रेम

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मेरे हिस्से का बचा हुआ प्रेम ********************** फूलों को देखकर कभी नहीं लगता कि,एक दिन मुरझा कर  बिखर जाएंगे ज़मीन पर तितलियों को उड़ते दे...
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गुरुवार, जुलाई 07, 2022

प्रेम देखता है

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प्रेम देखता है ********** गांव के बूढ़े बरगद के नीचे बैठकर कुछ बूढ़े कहते हैं  प्रेम अंधा होता है कुछ शहरी बूढ़े बगीचे में बिछी बेंचों पर बैठकर...
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गुरुवार, जून 23, 2022

फुरसतिया बादल

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फुरसतिया बादल ************* बजा बजा कर ढोल नगाड़े फुरसतिया बादल आते बिजली के संग रास नचाते बूंद बूंद चुंचुआते-- कंक्रीट के शहर में ऋतुयें रहन...
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गुरुवार, जून 09, 2022

किससे पूछें किसका गांव

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किससे पूछें किसका गांव आधी धूप और आधी छांव जंगलों में ढूंढ रहे प्रणय का फासला अंदर ही अंदर घाव रहे तिलमिला सड़कों की दूरियां  पास नहीं आती है...
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Jyoti khare
छिंदवाडा, India
अपनी ज़मीन पर खड़ा एक साधारण आदमी.... http://www.youtube.com/c/jyotikhare
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