उम्मीद तो हरी है .........
दौर पतझड़ का सही, उम्मीद तो हरी है
गुरुवार, सितंबर 07, 2023
अपने चेहरे में
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अपने चेहरे में *********** वर्षों से सम्हाले प्यार के खुरदुरेपन ने खरोंच डाला है चेहरे को लापता हो गयी हैं दिन,दोपहरें और शामें काश पीले पड़...
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गुरुवार, अगस्त 31, 2023
कैद हुआ मौसम शहरों में
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कैद हुआ मौसम शहरों में ************** सुविधाओं का मौसम ठहरा अपना गूंगा उनका बहरा ठहरा.. चर्चित फूलों के खेतों में नाजुक भाषा की अगवानी तुलसी...
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शुक्रवार, अगस्त 25, 2023
छूने के बहाने
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छूने के बहाने ********** मेरी हरकतों से खीजने के बावजूद कई बार मुझसे बात करने की कोशिश करती हो और जब मैं उत्तर नहीं देता हूं तो रात में तकिए...
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सोमवार, अगस्त 21, 2023
बेमतलब
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सांप के कान नहीं होते हम बेमतलब जिरह की बीन बजाने पर तुले हैं सांप दूध नहीं पीते हम बेमतलब कटोरी भर दूध पिलाने पर तुले हैं सांप के पांव नहीं...
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शनिवार, अक्टूबर 08, 2022
शरद का चाँद
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शरद का चाँद *********** ख़ामोशी तोड़ो सजधज के बाहर निकलो उसी नुक्कड़ पर मिलो जहाँ कभी बोऐ थे हमने चांदनी रात में आँखों से रिश्ते और हाँ ! बांध...
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गुरुवार, सितंबर 22, 2022
तुम्हें उजालों की कसम
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तुम्हें उजालों की कसम ****************** मैंने तुम्हें चेतन्य आंखों से देखा है लपटों से घिरा ज्वालाओं से प्रज्जलित मेरा आखिरी सम्बल भी विच...
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गुरुवार, सितंबर 08, 2022
अब मैं उड़ सकूंगा
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अब मैं उड़ सकूंगा *************** दिन बीता,शाम बीती रात देह पर डालकर अंधकार की चादर चली गयी रात को क्या पता आंखों में नींद पलकों के भीतर लेट ...
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