उम्मीद तो हरी है .........
दौर पतझड़ का सही, उम्मीद तो हरी है
गुरुवार, जुलाई 11, 2024
समीप खीचते हुए
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समीप खीचते हुए ************** मेरे और तुम्हारे विषय को लेकर मनगढ़ंत किस्सों में बेतुकी बातें दर्ज हैं यहां तक कि, दीवारों पर भी लिख दिया गया...
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गुरुवार, जुलाई 04, 2024
प्रेम को नमी से बचाने
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प्रेम को नमी से बचाने **************** धुओं के छल्लों को छोड़ता मुट्ठी में आकाश पकड़े छाती में जीने का अंदाज बांधें चलता रहा अनजान रास्तों ...
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गुरुवार, जून 27, 2024
चिमटियों में लटके किरदार
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चिमटियों में लटके किरदार ********************* बारिश थम गयी सड़कों का पानी सूख गया घर का आंगन अभी तक गीला है माँ के आंसू बहे हैं कितनी मुश्कि...
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रविवार, जून 16, 2024
पिता
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🔴 पिता **** अंधेरों को चीरते सन्नाटे में अपने से ही बात करते पिता यह सोचते थे कि उनकी आवाज़ कोई नहीं सुन रहा होगा मैं सुनता था कांच के चटकन...
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शनिवार, अप्रैल 13, 2024
मुद्दे
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मुद्दे *** खास समय में कुछ लोग आकर मुद्दों को सहलाते हैं भावनाओं को भटकाकर चले जाते हैं ऐसे लोग रखते हैं गहरी पैठ बदल देते हैं मस्तिष्क की त...
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शनिवार, मार्च 02, 2024
प्रेम रेखाओं के पचड़े में नहीं पड़ता
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दो समानांतर रेखाएं आपस में कभी नहीं मिलती ऐसा रेखा गणित के जानकार बताते हैं लेकिन प्रेम में डूबे दो अजनबी बताते हैं कि जब हम खींचते हैं एक द...
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बुधवार, जनवरी 03, 2024
तुम्हारी चीख में शामिल होगा
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तुम्हारी चीख में शामिल होगा *********************** अखबार के मुखपृष्ठ में लपेटकर रख लिए हैं तुम्हारे लिखे प्रेम पत्र और गुजरा हुआ साल जब...
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