उम्मीद तो हरी है .........
दौर पतझड़ का सही, उम्मीद तो हरी है
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रविवार, जनवरी 06, 2019
शराफत की ठंड से
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शराफत की ठंड से सिहर गये हैं लोग दुश्मनी की आंच से बिखर गये हैं लोग-- जिनके चेहरों पर धब्बों की भरमार है आईना देखते ही निखर गये हैं लोग...
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