उम्मीद तो हरी है .........

दौर पतझड़ का सही, उम्मीद तो हरी है

शनिवार, दिसंबर 29, 2018

आसमानी ऊनी शाल

›
सम्हाल कर रखा है तुम्हारे वादों का दिया हुआ ब्राउन रंग का मफलर बांध लेता हूँ जब कभी कान में फुसफुसाकर कहती है ठंड कि, आज बहुत ठंड है...
शुक्रवार, दिसंबर 21, 2018

घाट पर धुलने गयी है व्यवस्था

›
समर्थक परजीवी हो रहें हैं सड़क पर कोलाहल बो रहें हैं शिकायतें द्वार पर टंगी हैं अफसर सलीके से रो रहें हैं जश्न में डूबा समय मौन है जनमत ...
गुरुवार, दिसंबर 13, 2018

धूप में

›
धूप में कुछ देर मेरे पास भी बैठ लो पहले जैसे जब खनकती चूड़ियों में समाया रहता था इंद्रधनुष मौन हो जाती थी पायल और तुम अपनी हथेली में ...
शनिवार, जून 16, 2018

ईद मुबारक

›
सुबह से इन्तजार है तुम्हारे मोगरे जैसे खिले चेहरे को करीब से देखूं ईद मुबारक कह दूँ पर तुम शीरखुरमा, मीठी सिवईयाँ बांटने में लगी हो ...
बुधवार, जून 06, 2018

विकलांग

›
निकले थे गमझे में कुछ जरुरी सामान बांध कर   किसी पुराने पेड़ के नीचे बैठकर बीनकर लाये हुए कंडों को सुलगाकर गक्क्ड़ भरता बनायेंगे तपती दोप...
मंगलवार, मई 22, 2018

चाहत

›
अच्छे दोस्त हैं नदी और पहाड़ दिनभर एक दूसरे को धकियाते खुसुर-पुसुर बतियाते रात के गहन सन्नाटे में दोनों अपनी अपनी चाहतों को सहलाते पुच...
शनिवार, अप्रैल 14, 2018

प्रेम नहीं विद्रोह लिखो

›
प्रेम नहीं विद्रोह लिखो-- ------------------------------ नंगी प्रजातियों की नंगी ज़बान थूककर चाट रहे अपने बयान चेहरों पर कराकर फेशियल खो...
‹
›
मुख्यपृष्ठ
वेब वर्शन देखें

परिचय

मेरी फ़ोटो
Jyoti khare
छिंदवाडा, India
अपनी ज़मीन पर खड़ा एक साधारण आदमी.... http://www.youtube.com/c/jyotikhare
मेरा पूरा प्रोफ़ाइल देखें
Blogger द्वारा संचालित.