उम्मीद तो हरी है .........
दौर पतझड़ का सही, उम्मीद तो हरी है
मंगलवार, फ़रवरी 02, 2021
बसंत तुम लौट आये हो
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बसंत तुम लौट आये **************** अच्छा हुआ इस सर्दीले वातावरण में तुम लौट आये हो सुधर जाएगी बर्फीले प्रेम की तासीर मौसम की नंगी देह पर ...
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शनिवार, जनवरी 23, 2021
पंछियों ने---
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पंछी आसमान में उड़ते समय सीख लेते हैं आजादी का हुनर बैठते हैं जिस डगाल पर कुतरते नहीं रखते हैं हराभरा बनाते हैं घोंसला वे चोंच नहीं चलाते चों...
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गुरुवार, जनवरी 14, 2021
अम्मा का निजि प्रेम
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अम्मा का निजि प्रेम **************** आटे के ठोस और तिली के मुलायम लड्डू मीठी नीम के तड़के से लाल मिर्च और शक्कर भुरका नमकीन हींग,मैथी,राई से ...
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बुधवार, दिसंबर 30, 2020
कैसे भूल सकता हूँ तुम्हें
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कैसे भूल सकता हूँ तुम्हें ******************* गांव की छोटी सी किराने की दुकान से एक पाव आटा और नमक पेड़ के नीचे बैठी सब्जी वाली से आलू,भटा...
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रविवार, दिसंबर 13, 2020
तम शीत ऋतु की तरह आती हो
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तुम शीत ऋतु की तरह आती हो ************************* तुम्हारे आने की सुगबुगाहट से खड़कियों में टांग दिए हैं गुलाबी रंग के नये पर्दे क्योंकि ...
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शुक्रवार, नवंबर 13, 2020
मिट्टी का दिया
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बनावटी उजालों से लाख सज संवर जाएं मनोकामना के ऊँचे महल फिर भी अंधेरे के आने की आशंका बनी रहती है लेकिन कुम्हार का बनाया मिट्टी का एक दिया...
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बुधवार, सितंबर 16, 2020
कैसी हो मेरी "अपना"
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कैसी हो मेरी "अपना" *********** बहुत बरस तक अक्सर मिलते थे बगीचे में बैठकर छूते थे एक दूसरे की कल्पनाएं टटोलते थे एक दूसरे के दिल...
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