उम्मीद तो हरी है .........

दौर पतझड़ का सही, उम्मीद तो हरी है

सोमवार, दिसंबर 10, 2012

सपनों ने

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सपनों ने गली की पुलिया पर बैठकर यह तय किया अब नहीं दिखेंगे------- सपने कोलाहल में कैसे जीवित रह पायेंगे यह सोचकर सपनों ने छोड़ द...
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रविवार, दिसंबर 02, 2012

यूकेलिप्टस-------------

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यूकेलिप्टस------------- एक दिन तुम और मैं शाम को टहलते उंगलियां फसाये उंगलियों में निकल गये शहर के बाहर----- तुमने पूछा क्या होता है शिला...
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गुरुवार, नवंबर 29, 2012

गुलमोहर-----------

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गुलमोहर------ माना कि तुम्हारे आँगन में जूही,चमेली,रातरानी महकती है पर तुम अपने आँगन में बस एक गुलमोहर लगा लो सौन्दर्य का जादू जमा लो----...
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मंगलवार, नवंबर 27, 2012

रिश्ते जमीन के---------

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बिखरे पड़े हैं क़त्ल से रिश्ते जमीन के----- मुखबिर बता रहे हैं किस्से यकीन के------ चाहतों के मकबरे पर शाम से मजमा लगा है हाथ में तलवार लेक...
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शुक्रवार, नवंबर 23, 2012

गालियां देता मन ......

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गालियां देता मन देह्शत भरा माहौल चुप्पियां दरवाजा बंद करेंगी खिडकियां देंगी खोल----- आदमी की खाल चाहिये भूत पीटें डिडोरा--- मरी हु...
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सोमवार, नवंबर 05, 2012

करवा चौथ का चाँद उसी दिन रख दिया था हथेली पर

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करवा चौथ का चाँद उसी दिन रख दिया था हथेली पर तुम्हारे जिस दिन मेरे आवारापन को स्वीकारा था तुमने--------- सूरज से चमकते गालों पर पपड़ाए होंठो...
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शुक्रवार, अक्टूबर 19, 2012

रेत

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रेत तुमसे बात करना तुम्हे मुट्ठी में भरना तुम्हारी भुरभुरी छाती पर उँगलियों से नाम लिखना बहुत भाता है तुमसे कई जन्मों का नाता है------- रेत...
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Jyoti khare
छिंदवाडा, India
अपनी ज़मीन पर खड़ा एक साधारण आदमी.... http://www.youtube.com/c/jyotikhare
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