उम्मीद तो हरी है .........

दौर पतझड़ का सही, उम्मीद तो हरी है

शुक्रवार, जनवरी 18, 2019

अम्मा का निजी प्रेम

›
आटे के ठोस और तिली के मुलायम लड्डू मीठी नीम के तड़के से लाल मिर्च और शक्कर भुरका नमकीन हींग,मैथी,राई से बघरा मठा और नये चांवल की खिचड़ी ...
1 टिप्पणी:
शनिवार, जनवरी 12, 2019

वक्ष में फोड़ा हुआ

›
पीठ पर सूरज बंधा पेट बिलकुल खाली कपकपाते हाथों से बजती नहीं ताली-- आँख का काजल मिटा मांग का सिंदूर थरथराती देह लुटना रॊज का दस्तूर द...
6 टिप्‍पणियां:
रविवार, जनवरी 06, 2019

शराफत की ठंड से

›
शराफत की ठंड से सिहर गये हैं लोग दुश्मनी की आंच से बिखर गये हैं लोग-- जिनके चेहरों पर धब्बों की भरमार है आईना देखते ही निखर गये हैं लोग...
1 टिप्पणी:
बुधवार, जनवरी 02, 2019

बीती रात का गीत

›
अनुबंधों का रूप तुम्हारा रात नहीं सोता होगा प्राणों के हर दरवाजे पर मेरे मन का तोता होगा------- आँखों का परिचय सब आँगन देहरी बांध गया ...
शनिवार, दिसंबर 29, 2018

आसमानी ऊनी शाल

›
सम्हाल कर रखा है तुम्हारे वादों का दिया हुआ ब्राउन रंग का मफलर बांध लेता हूँ जब कभी कान में फुसफुसाकर कहती है ठंड कि, आज बहुत ठंड है...
शुक्रवार, दिसंबर 21, 2018

घाट पर धुलने गयी है व्यवस्था

›
समर्थक परजीवी हो रहें हैं सड़क पर कोलाहल बो रहें हैं शिकायतें द्वार पर टंगी हैं अफसर सलीके से रो रहें हैं जश्न में डूबा समय मौन है जनमत ...
गुरुवार, दिसंबर 13, 2018

धूप में

›
धूप में कुछ देर मेरे पास भी बैठ लो पहले जैसे जब खनकती चूड़ियों में समाया रहता था इंद्रधनुष मौन हो जाती थी पायल और तुम अपनी हथेली में ...
‹
›
मुख्यपृष्ठ
वेब वर्शन देखें

परिचय

मेरी फ़ोटो
Jyoti khare
छिंदवाडा, India
अपनी ज़मीन पर खड़ा एक साधारण आदमी.... http://www.youtube.com/c/jyotikhare
मेरा पूरा प्रोफ़ाइल देखें
Blogger द्वारा संचालित.