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रविवार, मार्च 08, 2020

चाहती हैं स्त्रियां


ईट भट्टोंँ में
काम करने वाली स्त्रियां
चाहती हैं
कि, उनका भी 
अपना घर हो

खेतों पर
भूखे रहकर
अनाज ऊगाने वाली स्त्रियां
चाहती हैं
कि, उनका भी
और उनके बच्चों का
भरा रहे पेट

मजबूर और गरीब स्त्रियां
चाहती हैं
कि, उनकी फटी साड़ी मेँ  
न लगे थिगड़ा
सज संवर कर
घूम सकें बाजार हाट

यातनाओं से गुजर रही स्त्रियां
चाहती हैं
कि , कोई 
उलझनों की
खोल दे कोई गठान 
ताकि उड़ सकें
कामनाओं के आसमान में
बिना किसी भय के

ऐसी स्त्रियां चाहती हैं
देश दुनियां में 
केवल सुख भोगती स्त्रियों का 
जिक्र न हो
जिक्र हो 
उपेक्षा के दौर से गुजर रहीं स्त्रियों का

रोज न सही 
महिला दिवस के दिन तो 
होना चाहिए---

शुक्रवार, मार्च 08, 2019

स्त्रियां चाहती हैं

चाहती हैं
ईट भट्टोंँ में
काम करने वाली स्त्रियां
कि, उनका भी
अपना घर हो

चाहती हैं
खेतों पर
भूखे रहकर
अनाज ऊगाने वाली स्त्रियां
कि, उनका भी
भरा रहे पेट

चाहती हैं
मजबूर स्त्रियां
कि, उनकी फटी साड़ी मेँ 
न लगे थिगड़ा
सज संवर कर
घूम सकें बाजार हाट

चाहती हैं
यातनाओं से गुजर रही स्त्रियां
उलझनों की
खोल दे कोई गठान
ताकि उड़ सकें
कामनाओं के आसमान में
बिना किसी भय के

चाहती हैं
स्त्रियां
देश दुनियां में
विशेष स्त्रियों के साथ
उपेक्षित स्त्रियों का भी
नाम दर्ज किया जाए

चाहती हैं
स्त्रियां
केवल सुख भोगती स्त्रियों का
जिक्र न हो
जिक्र हो
उपेक्षा के दौर से गुजर रहीं स्त्रियों का

रोज न सही
महिला दिवस के दिन तो
होना चाहिए---

"ज्योति खरे"

गुरुवार, मार्च 08, 2018

महिलाएं चाहती हैं

महिलाएं चाहती हैं
************
चाहती हैँ
ईँट भट्टोँ मेँ
काम करने वाली महिलाएं
कि उनका भी
अपना घर हो

चाहती हैँ
खेतोँ पर
भूखे रहकर
अनाज ऊगाने वाली महिलाएं
कि उनका भी
भरा रहे पेट

चाहती हैँ
मजबूर महिलाएं
कि उनकी फटी साड़ी मेँ 
न लगे थिगड़ा
सज संवर कर
घूम सकेँ बाजार हाट

चाहती हैँ
यातनाओँ से गुजर रही महिलाएं
उलझनों और प्रताड़ना की
खोल दे कोई गठान
ताकि उड़ सकें
कामनाओँ के आसमान मेँ
बिना किसी भय के

चाहती है
महिलाएं
देश दुनियां में
उपेक्षित महिलाओं का नाम भी
दर्ज किया जाए

चाहती हैं
महिलाएं
केवल सुख भोगती महिलाओं का
जिक्र न हो
जिक्र हो
उपेक्षा के दौर से गुजर रहीं महिलाओं का
रोज न सही
महिला दिवस के दिन तो
होना चाहिए---

"ज्योति खरे"