सुधबुध खो बेठी
बहक गया सावन
बारिश में भींग रहा
अल्हड़पन...............
"ज्योति"
सोमवार, जुलाई 16, 2012
शनिवार, जुलाई 14, 2012
शुक्रवार, जुलाई 13, 2012
रविवार, जुलाई 01, 2012
खुश रहो कहकर चला...
खुश रहो कहकर चला
जानता हूँ उसने छला.............
सूरज दोस्त था उसका
तेज गर्मी से जला...............
चांदनी रात भर बरसी
बर्फ की तरह गला................
उम्र भर सीखा सलीका
फटे नोट की तरह चला..........
रोटियों के प्रश्न पर
उम्र भर जूता चला.............
सम्मान का भूखा रहा
भुखमरी के घर पला............
"ज्योति"
शुक्रवार, जून 29, 2012
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