मैंने कभी नहीं रखा
अपनी धड़कनों में तुम्हें
लिखो,लिखो कई बार लिखो
कि मुझसे करती हो नफरत
जलाकर आ गया हूं
बूढ़े पीपल की छाती पर एक माटी का दिया
"ज्योति खरे"
चित्र-- गूगल से साभार





